स्वातंत्र्य वीर सावरकर
कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उपयोगितावाद, तर्कवाद, प्रत्यक्षवाद
,मानवतावाद,सार्वभौमिकता, व्यावहारिकता और यथार्थवाद के उपासक स्वातंत्र्यवीर वीर
सावरकर को जन्म जयंती पर शत् शत् नमन🙏🏻🙏🏻 जीवन पर्यन्त संघर्षशील और राष्ट्र भक्ति
के व्रत को धारण करने वाले वीर सावरकर एक राष्ट्रवादी एवं क्रांतिकारी व्यक्तित्व
के साथ एक महान समाज सुधारक भी थे। उनका मानना था कि सामाजिक और सार्वजनिक सुधार
अलग अलग नहीं वरन एक दूसरे के पूरक है और वे इन्हीं विचारों को ध्येय के रूप में
संजोते हुए आजीवन इसी पथ पर चले। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने
प्रधानमंत्रित्व काल में वीर सावरकर के सम्मान में डाक टिकट भी जारी किया था. साथ
ही सावरकर ट्रस्ट को अपने पास से 11 हजार रुपए का दान भी दिया था. और तो और, 1983
में फिल्म डिवीजन को वीर सावरकर पर एक वृत्त चित्र बनाने का आदेश भी दिया था ताकि
आने वाली पीढ़ियों को 'इस महान क्रांतिकारी' के बारे में न सिर्फ पता चल सके बल्कि
पीढ़ियां जान सकें कि वीर सावरकर ने देश की आजादी में क्या और किस तरह से योगदान
दिया . सावरकर भारत के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य के केन्द्र
लन्दन में ही उनकी दमनकारी नीतियों के विरुद्ध आन्दोलन संगठित किया। सावरकर भारत के
पहले व्यक्ति थे जिन्होंने स्वदेशी आंदोलन का बिगुल बजाकर सन् 1905 के बंग-भंग के
बाद सन् 1906 में 'स्वदेशी' का नारा दिया और विदेशी कपड़ों की होली जलाई। वे भारत
के पहले व्यक्ति थे जिन्हें अपने विचारों के कारण बैरिस्टर की डिग्री खोनी पड़ी।
अखण्ड भारत के पुजारी सावरकर पहले भारतीय थे जिन्होंने 'पूर्ण स्वतन्त्रता' की मांग
की। 1857 की क्रांति को 'भारत का प्रथम स्वाधीनता संग्राम' बताते हुए वीर सावरकर ने
1907 में लगभग एक हज़ार पृष्ठों का विशाल इतिहास लिखा जो आज भी भारत के कोटि-कोटि
जनमानस को गौरव की अनुभूति करवाता है। वे भारत के पहले और दुनिया के एकमात्र लेखक
थे जिनकी पुस्तक को प्रकाशित होने के पहले ही ब्रिटिश साम्राज्य की सरकारों ने
प्रतिबन्धित कर दिया था। वे दुनिया के पहले राजनीतिक कैदी थे जिनका मामला हेग के
अन्तरराष्ट्रीय न्यायालय में चला था। वे पहले भारतीय राजनीतिक कैदी थे जिसने एक
अछूत को मन्दिर का पुजारी बनाया था। ऐसे महान युगपुरुष वीर सावरकर जी को कोटि कोटि
नमन 🙏🙏
🙏🙏
ReplyDeleteभारत माता की जय
ReplyDelete🚩🙏
स्वदेशी स्वाभिमान - वीर सावरकर...
ReplyDeleteबहुत अच्छा लिखा आपने...👌
वन्दे मातरम् 🙏🙏
ReplyDeleteबहुत शानदार लेखन👍
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