Posts

Showing posts from December, 2021

"वात्सल्य की मूरत साध्वी ऋत्मभरा जी"

Image
वृंदावन की तपोस्थली पर लगभग 54 एकड़ परिसर में फैला हुआ माँ "साध्वी ऋतंभरा जी" का 'वात्सल्य ग्राम' आश्रम है जहां वास्तव में वात्सल्य बरसता है। आश्रम के विशाल दरवाजे के बाईं ओर एक पालना है! जहां कोई भी व्यक्ति, किसी भी समय अनचाहा या अनाथ शिशु को रखकर जा सकता है!🙏 पालने में बच्चा छोड़कर जाने वाले व्यक्ति को आश्रम से संबंधित सदस्य किसी भी प्रकार का प्रश्‍न नहीं पूछता! पालने में कोई बच्चा रखते ही पालने पर लगा सेंसर आश्रम के व्यवस्थापन को इसकी सूचना देता है और आश्रम का कोई अधिकारी आकर उस बच्चे को आश्रम ले आता है! आश्रम में प्रवेश होते ही वह बच्चा वात्सल्य ग्राम परिवार का सदस्य हो जाता है। उसके बाद उसे वहीं वातावरण मिलता है जो एक सभ्य परिवार में बालक को मिलता है। अब वह अनाथ नहीं कहलाता! उसे आश्रम में ही माँ, मौसी, दादा-दादी; सब रिश्तेदार मिल जाते हैं! इसके बाद सुगम वातावरण में लालन-पालन, सीबीएसई के माध्यम से शिक्षा,प्राकृतिक चिकत्सा, योग,रुचि अनुसार अध्ययन, मिलिट्री ट्रेनिंग सब देते हुए उसकी शादी तक करवाई जाती है! ये है सनातन दर्शन ..🚩🙏 सकारात्मकता का प्रचार...

आधुनिक स्वदेशी आंदोलन के प्रणेता "राजीव दीक्षित जी"

Image
"यदि अंधकार से लड़ने का संकल्प कोई कर लेता है, तो एक अकेला जुगनू भी सब अन्धकार हर लेता है"! कुछ व्यक्ति बहुत कम समय में इतना कुछ कर देते हैं कि वे फिर अपने विचारों और सिद्धांतों से ही अमर हो जाते हैं लेकिन ऐसा तब होता है जब वे विचार निस्वार्थ भाव से जनकल्याण के लिए प्रतिपादित किए गए हों।अपनी बेबाक वाणी और निडरता से परिपूर्ण राजीव दीक्षित जी ने न केवल स्वदेशी उत्पादों की अलख जगाई वरन् वास्तविक समस्याओं को सटीक तथ्यों के माध्यम से जनमानस के बीच में रखा। आयुर्वेद और सनातन संस्कृति को वैज्ञानिक ढंग से स्पष्ट किया जिनको लाखों लोगों ने अपनाकर अपना जीवन आरोग्यवान और ऊर्जावान बनाया है।ऐसी पुण्यात्मा यदा कदा अवतरित होती हैं इसलिए हम सब का कर्तव्य है की उनके विचारों को अनेक माध्यमों से सतत् और सास्वत रखा जाए 🙏🏻 हिंदू सक्रियता के प्रबल प्रवर्तक ,आधुनिक स्वदेशी आन्दोलन के कर्णधार स्वर्गीय"' श्री राजीव दीक्षित जी" को सादर नमन 🙏🏻🙏🏻