आधुनिक स्वदेशी आंदोलन के प्रणेता "राजीव दीक्षित जी"
"यदि अंधकार से लड़ने का संकल्प कोई कर लेता है,
तो एक अकेला जुगनू भी सब अन्धकार हर लेता है"!
कुछ व्यक्ति बहुत कम समय में इतना कुछ कर देते हैं कि वे फिर अपने विचारों और सिद्धांतों से ही अमर हो जाते हैं लेकिन ऐसा तब होता है जब वे विचार निस्वार्थ भाव से जनकल्याण के लिए प्रतिपादित किए गए हों।अपनी बेबाक वाणी और निडरता से परिपूर्ण राजीव दीक्षित जी ने न केवल स्वदेशी उत्पादों की अलख जगाई वरन् वास्तविक समस्याओं को सटीक तथ्यों के माध्यम से जनमानस के बीच में रखा। आयुर्वेद और सनातन संस्कृति को वैज्ञानिक ढंग से स्पष्ट किया जिनको लाखों लोगों ने अपनाकर अपना जीवन आरोग्यवान और ऊर्जावान बनाया है।ऐसी पुण्यात्मा यदा कदा अवतरित होती हैं इसलिए हम सब का कर्तव्य है की उनके विचारों को अनेक माध्यमों से सतत् और सास्वत रखा जाए 🙏🏻
हिंदू सक्रियता के प्रबल प्रवर्तक ,आधुनिक स्वदेशी आन्दोलन के कर्णधार स्वर्गीय"' श्री राजीव दीक्षित जी" को सादर नमन 🙏🏻🙏🏻
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